राजस्‍थान में 19 वर्षीय युवक को हुई फाँसी की सज़ा,जज ने कहा सभ्य समाज के लिए ख़तरा है आरोपी-19 year old youth sentenced to death in rajasthan

राजस्‍थान में 19 वर्षीय युवक को हुई फाँसी की सज़ा,जज ने कहा सभ्य समाज के लिए ख़तरा है आरोपी-19 year old youth sentenced to death in rajasthan

हनुमानगढ़ :19 year old youth sentenced to death in rajasthan-राजस्थान के हनुमानगढ़ में ढाई माह पूर्व हुए एक 60 वर्षीय महिला से रेप और हत्या के आरोपी को ज़िला जज ने फाँसी की सज़ा सुनाई है, मामले की सुनवाई करते हुए ज़िला/सेशन न्यायाधीश संजीव कुमार मागो ने कहा कि “ऐसा व्यक्ति सभ्य समाज के लिए गम्भीर ख़तरा है इसलिए इसे सज़ा-ए-मौत ही देना चाहिए।” राजस्‍थान में 19 वर्षीय युवक को हुई फाँसी की सज़ा,जज ने कहा सभ्य समाज के लिए ख़तरा है आरोपी-19 year old youth sentenced to death in rajasthanयह मामला राजस्थान के हनुमानगढ़ जनपद के पीलीबंगा थानाक्षेत्र का है जहाँ सुरेंद्र उर्फ़ मांडिया नाम के एक 19 वर्षीय युवक ने विगत 16 सितम्बर-2021 को इस जघन्य घटना को अन्जाम दिया था, इस आरोपी ने अपने ही गाँव में अकेली रहने वाली एक 60 वर्षीय वृद्ध विधवा महिला से पहले दुष्कर्म का प्रयास किया लेकिन जब महिला ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसकी हत्या करने के बाद शव के साथ हैवानियत की थी।राजस्‍थान में 19 वर्षीय युवक को हुई फाँसी की सज़ा,जज ने कहा सभ्य समाज के लिए ख़तरा है आरोपी-19 year old youth sentenced to death in rajasthanइस जघन्य घटना के सामने आने के बाद गाँव और क्षेत्र में सनसनी फ़ैल गई थी, घटना की सूचना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी को उसी दिन गिरफ़्तार कर लिया था और मात्र 8 दिन की इन्वेस्टिगेशन के बाद आरोपी के विरूद्ध अदालत में चालान पेश कर दिया था। वहीं अदालत ने भी मामले की लगातार सुनवायी करते हुए घटना के ढाई माह बाद ही अपना निर्णय दे दिया।राजस्‍थान में 19 वर्षीय युवक को हुई फाँसी की सज़ा,जज ने कहा सभ्य समाज के लिए ख़तरा है आरोपी-19 year old youth sentenced to death in rajasthan इस हैवान युवक को फाँसी की सज़ा सुनाने के बाद ज़िला जज सुरेंद्र कुमार ने कहा कि “यह आरोपी सभ्य समाज के लिए एक बड़ा ख़तरा है और ऐसे आदमी को सभ्य समाज में रहने के क़ाबिल नहीं माना जा सकता, इसलिए इसे दुर्लभतम अपराध की श्रेणी में मानते हुए फाँसी की सज़ा सुनाई गई है। इसे सज़ा-ए- मौत ही देनी चाहिए।

Author: Desh Duniya Today [Farhad Pundir]