Agniveer Scheme1: जब सेना में आरक्षण ही लागू नहीं है तो सरकार आख़िर अग्निवीरों की जाति पूछ क्यूँ रही है?- पत्रकार दिलीप मंडल ने उठाये सवाल

Agniveer Scheme: जब सेना में आरक्षण ही लागू नहीं है तो सरकार आख़िर अग्निवीरों की जाति पूछ क्यूँ रही है?- पत्रकार दिलीप मंडल ने उठाये सवाल

नई दिल्ली: Agniveer Scheme
भारतीय सेना में अग्निवीर स्कीम के अन्तर्गत अग्निवीरों से भराये जा रहे फार्म में अग्निवीरों से अब जो अब उनकी जाति और धर्म के सर्टिफिकेट मांगे जा रहे हैं। इस मुद्दे पर वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल ने मोदी सरकार सवाल उठाते हुए कहा कि “सरकार बताये कि इन सर्टिफिकेट का क्या इस्तेमाल होने वाला है? बता दें कि इंडियन आर्मी की तरफ़ से अग्निवीरों के लिये जो नोटिफिकेशन जारी किया गया है उसमें अग्निवीरों से जाति प्रमाण पत्र देने की बात कही गयी है। जबकि आर्मी में कोई आरक्षण व्यवस्था लागू नहीं है।

 

 

इसी मुद्दे को लेकर वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल ने अपने ट्विटर हैंडल पर पीएम मोदी और राजनाथ सिंह को टैग करते पोस्ट किये जिनमें उन्होंने मोदी सरकार से प्रश्न करते हुए लिखा कि “सरकार सैनिकों की जाति क्यूँ जानना चाहती है?…क्या अग्निवीर (अग्निपथ) में SC, ST और OBC को 50% रिज़र्वेशन देना है..? या सरकार इन सर्टिफिकेट (जाति और धर्म) का इस्तेमाल 25% (अग्निवीरों) को पर्मानेंट करते समय करेगी?, मक़सद क्या है..जब (सेना में) कोटा है नहीं?” (Agniveer Scheme)

 

 

दिलीप मंडल ने एक और अन्य ट्वीट में कहा “जातिये जनगणना न कराने वाली सरकार सेना में भर्ती के लिये पहली बार जाति का सर्टिफिकेट माँग रही है, इसका इस्तेमाल 75% (अग्निवीरों) को छाँटने में हो सकता है। अगर मक़सद नहीं है, तो सरकार बताये कि जब आर्मी की भर्ती में आरक्षण ही नहीं है, तो उसे (सरकार को) कैंडिडेट की जाति क्यूँ जाननी है..मेट्रिमोनियल सर्विस है क्या?’ (Agniveer Scheme)

 

वहीं पत्रकार दिलीप मंडल ने अपने एक और ट्वीट में लिखा कि “भारतीय इतिहास में पहली बार सेना में भर्ती जाति के आधार पर होगी..? शर्मनाक।”
फ़िर उन्होंने अपने अगले ट्वीट में कहा कि “सेना ने अग्निवीर भर्ती के लिये हर किसी से (अग्निवीर कैंडिडेट्स) जाति और धर्म का सर्टिफिकेट मांगा है। जबकि सेना की भर्ती में किसी तरह का आरक्षण ही नहीं है, इन सर्टिफिकेट्स का क्या इस्तेमाल होने वाला है?” (Agniveer Scheme)
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Author: Desh Duniya Today [Farhad Pundir]