Bihar Political News: लालू यादव फ़िर से मुश्किल में, लालू के 2 क़रीबी भोला यादव और हृदयानन्द चौधरी को ज़मीन के बदले रेलवे में नौकरी घोटाले में CBI ने किया गिरफ़्तार

Bihar Political News: लालू यादव फ़िर से मुश्किल में, लालू के क़रीबी भोला यादव को ज़मीन के बदले रेलवे में नौकरी घोटाले में CBI ने किया गिरफ़्तार

पटना: Bihar Political News, Bhola Yadav Arrested- पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें फ़िर बढ़ती दिखाई दे रही हैं। दरअसल CBI ने लालू प्रसाद यादव के क़रीबी (लालू के पूर्व ओएसडी) भोला यादव व हृदयानन्द चौधरी को ज़मीन के बदले रेलवे में नौकरी घोटाले में गिरफ़्तार कर राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया, जहाँ से कोर्ट ने इन्हें 2 अगस्त तक CBI की रिमांड में दे दिया है। भोला यादव वर्ष- 2004 से 2009 के बीच उस समय लालू यादव के ओएसडी थे जब लालू प्रसाद यादव रेलमंत्री थे।

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हालाँकि CBI ने कोर्ट से इन दोनों की 10 दिनों की रिमांड की पेशकश की थी लेकिन कोर्ट ने CBI को एक सप्ताह के लिये ही की रिमांड दी है। इन दोनों की गिरफ़्तारी के बाद अब बिहार की राजनीति में घमासान शुरु हो गया है। इस मामले जहाँ RJD के नेताओं ने केन्द्र की भाजपा पर CBI और ED का ग़लत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है, तो वहीं बिहार की सत्ताधारी पार्टी भाजपा और JDU के नेताओं का कहना है कि यें एजेंसीज़ अपना काम कर रही है। (Bihar Political News)

क्या है पूरा मामला? : मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार CBI को मई महीने में की गई छपेमारी के दौरान पूर्व रेलमन्त्री लालू प्रसाद यादव व उनके परिजनों के परिसर से कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज़ बरामद किए थे। जानकारी के अनुसार CBI ने तत्कालीन रेलमन्त्री लालू प्रसाद यादव, उनकी बीवी राबड़ी देवी, 2 बेटियों व 15 अन्य लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया था। जिन में कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं। (Bihar Political News)

आरोप है कि लालू प्रसाद यादव जब रेलमन्त्री थे तो उस समय उन्होंने रेलवे में नौकरी देने के बदले ज़मीन देने के लिये दबाव बनाया जाता था। और आरोप है कि इस प्रकार के अवैध कार्य को अन्जाम देने के लिये लालू यादव ने अपने तत्कालीन ओएसडी भोला यादव को ही इस कार्य की ज़िम्मेदारी दी थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वर्ष-2004-2009 की अवधि के बीच यादव ने रेलवे के विभिन्न क्षेत्रों में Group-D की पोस्ट्स में नियुक्ति देने के बदले अपने परिजनों के नाम पर ज़मीन के हस्तांतरण के रूप में आर्थिक लाभ प्राप्त किया था।

और CBI के अनुसार, रेलवे में विकल्प की ऐसी नियुक्तियों के लिये कोई विज्ञापन अथवा सार्वजनिक नोटिस भी जारी नहीं किया गया था। फिर भी पटना के लोगों को मुम्बई कोलकाता,जयपुर, जबलपुर और हाजीपुर में विभिन्न रेलवे ज़ोन्स में विकल्प के रूप में नियुक्तियां दी गई थी। (Bihar Political News)
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Author: Desh Duniya Today [Farhad Pundir]