जुमे की नमाज़ के दौरान अफ़ग़ानिस्तान की एक मस्जिद में भीषण विस्फोट, 33 लोगों की मौत और 50 से ज़्यादा लोग घायल- Blast in Afghanistan

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क़ाबुल : 23अप्रैल-2022
Blast in Afghanistan-पिछले काफ़ी समय से अफ़ग़ानिस्तान में चल रही अस्थिरता के चलते एक बार फ़िर से एक मस्जिद में जुमे की नमाज़ के दौरान आतंकियों ने बम विस्फोट कर 33 लोगों की जान ले ली है। इस भीषण बम विस्फोट में मारे गये 33 लोगों में कई बच्चे भी शामिल है जबकि लगभग 50 लोग घायल बताये जा रहे हैं। (Blast in Afghanistan, News in Hindi )

इस संबंध में तालिबान के प्रवक्ता ने बताया कि IS (इस्लामिक स्टेट) द्वारा 2 अलग-अलग आतंकी हमलों के दावे के एक दिन बाद ही यह बम विस्फोट हुआ है। IS (इस्लामिक स्टेट) निरन्तर अफ़ग़ानिस्तान के शिया मुसलमानों को निशाना बना रहा है। हालांकि तालिबानी लड़ाकों द्वारा अमेरिकी सैनिकों को देश छोड़ने पर मजबूर करने के साथ अफ़ग़ानिस्तान में अपना सम्पूर्ण रूप से प्रभुत्व स्थापित करने के बाद विस्फोटों में कमी ज़रूर आयी है।Blast in Afghanistan, News in Hindi

वहीं घटना के संबंध में तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने ट्वीट करते हुए लिखा कि “उत्तरी प्रान्त के कुंदुज की एक मस्जिद में हुए विस्फोट में मारे गये 33 लोगों में बच्चे भी शामिल हैं।..हम इस जघन्य अपराध की निन्दा करते हैं और मारे गये लोगों के प्रति अपनी गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हैं।” विदेशी मीडिया के अनुसार मस्जिद के पास एक दुकान के मालिक मोहम्मद एसाह का कहना है कि “मस्जिद का नज़ारा बेहद ही भयावह था, मस्जिद के भीतर नमाज़ पढ़ने वाले सभी या तो मारे गये या घायल हो गये।”Blast in Afghanistan, News in Hindi

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह बम विस्फोट IS (इस्लामिक स्टेट समूह) द्वारा उत्तरी शहर मज़ार-ए-शरीफ़ में एक शिया मस्जिद पर हुए बम हमले का दावा करने के अगले ही दिन हुआ है। इससे पूर्व के ताज़ा हमले में भी कम से कम 12 नमाज़ी मारे गये थे। (Blast in Afghanistan, News in Hindi )

जानकारी के अनुसार अफ़ग़ानिस्तान में शिया अफ़ग़ान जो की अधिकतर हज़ारा समुदाय से हैं इनकी संख्या अफ़ग़ानिस्तान की कुल 38 मिलियन की आबादी के 10 से 20% के बीच है। और यें शिया अफ़ग़ान ही एक लम्बे समय स IS (इस्लामिक स्टेट) के निशाने पर हैं। क्योंकि इस्लामिक स्टेट इन अफ़ग़ानी शियाओं को विधर्मी मानता हैं।

इससे पूर्व हाल ही में तालिबानी अधिकारियों ने दावा किया है कि “उन्होंने मज़ार-ए-शरीफ़ की मस्जिद में गुरुवार को हुए एक बम विस्फोट के मामले इस्लामिक स्टेट के एक मास्टरमाइंड को अरेस्ट करने में कामियाबी हासिल की है। और उनकी तालिबानी सेना ने अफ़ग़ानिस्तान में IS (इस्लामिक स्टेट आतंकी समूह) को हरा दिया है। जबकि विश्लेषकों का कहना है कि IS (इस्लामिक स्टेट) अभी भी सुरक्षा के लिये एक प्रमुख चुनौती बना हुआ है।” (Blast in Afghanistan, News in Hindi )

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Author: Desh Duniya Today [Farhad Pundir]