Chennakeshava Temple Quran Controversy: कर्नाटक के चेन्नाकेशव मन्दिर जहाँ सदियों से नवरात्रों पर रथोत्सव पर पढ़ी जाती आ रही है क़ुरआन की आयतें, इस बार विरोध में उतरे हिन्दू संगठन

Chennakeshava Temple Quran Controversy: कर्नाटक के चेन्नाकेशव मन्दिर जहाँ सदियों से नवरात्रों पर रथोत्सव पर पढ़ी जाती आ रही है क़ुरआन की आयतें, इस बार विरोध में उतरे हिन्दू संगठन

 

 

कर्नाटक: Chennakeshava Temple Quran Controversy- हिन्दुत्व की प्रयोगशाला बन चुके कर्नाटक राज्य में 12-वीं शताब्दी का प्रसिद्ध बेलुरु चेन्नाकेशव मन्दिर राज्य ही नहीं बल्कि भारत के प्राचीन मन्दिरों में से एक है। यह तारे के आकार का मन्दिर वास्तुशिल्प का एक चमत्कार माना जाता है। इस मन्दिर को होयसल परिवार ने 103 वर्षों में सम्पन्न कराया था।Chennakeshava Temple Quran Controversy

कर्नाटक के इस प्रसिद्ध प्राचीन चेन्नाकेशव मन्दिर में सदियों से हर वर्ष नवरात्रों पर आयोजित होने वाले रथोत्सव के अवसर पर क़ुरआन की कुछ आयतें पढ़े जाने की परम्परा चली आ रही है। लेकिन भला अब मुस्लिम संस्कृति के सबसे बड़े विरोधी राज्य के रूप में अपनी ख़ास पहचान बना चुके कर्नाटक राज्य के किसी मन्दिर में क़ुरआन के दो बोल पढ़े जाना कहाँ बर्दाश्त किया जा सकता है?

जहाँ पर हिन्दुत्वादियों द्वारा मुस्लिम लड़कियों के मात्र हिजाब धारण करने भी इतना बड़ा बवाल खड़ा कर दिया गया हो कि अब कर्नाटक में मुस्लिम लड़कियां मजबूरी में शिक्षा से दूर होती जा रही हैं। दरअसल कर्नाटक के इस मन्दिर में 3 अप्रैल को वार्षिक रथोत्सव की शुरुआत होनी है। (Chennakeshava Temple Quran Controversy)

मीडिया रिपोर्ट्स अनुसार नवरात्रों पर आयोजित होने वाले इस रथोत्सव को चिह्नित करने के लिये सदियों से प्रतिवर्ष हिन्दू धर्म के मंत्रोचारण के साथ-साथ क़ुरआन की भी कुछ आयतों का पाठ पढ़े जाने की परम्परा चली आ रही है। लेकिन अब इस बार कुछ हिन्दुत्ववादी संगठनों ने इस परम्परा का विरोध करना शुरु कर दिया है। (Chennakeshava Temple Quran Controversy)

इस सम्बंध में बजरंग दल व विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा किये गये विरोध प्रदर्शन के दौरान इन संगठनों के लोगों ने राज्य सरकार से इस प्रथा को रोकने का आग्रह करते हुए दलील दी कि यह परम्परा प्राचीन नहीं बल्कि 1932 के मन्दिर के मैनुअल का हिस्सा है। इसलिये सरकार इस पर रोक लगाये। (Chennakeshava Temple Quran Controversy)

जब राज्य के मुस्लिम समाज के लोगों ने बजरंग दल व विश्व हिन्दू परिषद कार्यकर्ताओं की इस परम्परा पर रोक लगाने की माँग के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की गयी तो पुलिस ने साकिब पाशा नाम के एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया।
ज़िला प्रशासन की तरफ़ से इस मामले पर एक रिपोर्ट जारी की गयी। (Chennakeshava Temple Quran Controversy)

इस रिपोर्ट में मुजरई विभाग के तत्कालीन आयुक्त रोहिणी सिंधुरी ने यह कहते हुए रथोत्सव अनुष्ठान की अनुमति दे दी गयी कि हिन्दू धर्म अधिनियम-2002 की धारा )-58 के अनुसार मन्दिर में धार्मिक अनुष्ठानों व परंपराओं में कोई हस्तक्षेप नहीं होना चाहिये। इसके बाद मन्दिर समिति को कार्यक्रम के दौरान क़ुरआन की आयतें पढ़ने की अनुमति दे दी गयी।
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