सांप्रदायिक उन्माद की जद में आया राजस्थान का भीलवाड़ा, एक के बाद एक 4 क़स्बे बन्द, छावनी में तब्दील हुआ इलाक़ा-Communal uprising in Rajasthan’s Bhilwara

सांप्रदायिक उन्माद की जद में आया राजस्थान का भीलवाड़ा, एक के बाद एक 4 क़स्बे बन्द, छावनी में तब्दील हुआ इलाक़ा-Communal uprising in Rajasthan’s Bhilwara

भीलवाड़ा : 
Communal uprising in Rajasthan’s Bhilwara- राजस्थान के भीलवाड़ा में पिछले 40 वर्षों से बन्द एक धार्मिक स्थल को खुलवाने की माँग को लेकर हज़ारों लोगों ने मांडल से भीलवाड़ा तक 13 किमी तक पैदल मार्च निकालते हुये प्रदर्शन किया। विवादित स्थल का ताला तोड़ने का आरोपी युवक भी इस मार्च प्रदर्शन में शामिल हुआ जिसकी पुलिस तलाश थी लेकिन आरोपी के इस प्रदर्शन में मौजूद होने के बावजूद भी पुलिस पकड़ने में कामियाब नहीं हो सकी। (Communal uprising in Rajasthan’s Bhilwara)Communal uprising in Rajasthan's Bhilwara

इस दौरान पुलिस प्रशासन ने हज़ारों की संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों को पुलिस बल ने बैरिकेडिंग लगाकर जेल तिराहे पर कलेक्ट्रेट पहुँचने से रोका। इस बीच प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच कई बार झड़पें भी हुई। 3 घण्टों के घटनाक्रम के बाद फ़िर 21 सदस्य एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा ज़िलाधिकारी को ज्ञापन देकर विवादित स्थल का ताला खुलवाने की माँग की गई। प्रदर्शनकारियों ने ज़िलाधिकारी आशीष मोदी को अपनी माँग का ज्ञापन देते हुए चेतावनी दी कि “यदि 6 महीने के भीतर उनकी माँग पूरी नहीं की गई तो उनका पूरा समाज उग्र आन्दोलन करने के लिये मजबूर हो जायेगा जिसका ज़िम्मेदार प्रशासन होगा।” (Communal uprising in Rajasthan’s Bhilwara)

बता दें कि राजस्थान के भीलवाड़ा ज़िले के मांडल क़स्बे में विगत 40 वर्षों से एक विवादित धर्मस्थल पर मांडल थानाधिकारी को रिसीवर नियुक्त करते हुए धर्मस्थल पर ताला लगाया हुआ है। गत शुक्रवार की सुबह गोपाल गुर्जर नाम के एक व्यक्ति द्वारा इस विवादित स्थल का ताला तोड़कर इस पर धार्मिक झण्डा फहराकर पुलिस को चैलेंज किया था किया कि अगर पुलिस में दम है तो उसे पकड़ कर दिखाये। इस प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा दूसरे समुदाय के ख़िलाफ़ जिस तरह के विवादास्पद नारे गये हैं उससे दूसरा समुदाय भी उत्तेजित हो गया है। जिसके बाद भीलवाड़ा ज़िले के कई क़स्बे में बन्द और प्रदर्शन किये जा रहे हैं। (Communal uprising in Rajasthan’s Bhilwara)

Author: Desh Duniya Today [Farhad Pundir]