Covid-19 रिसर्च: अब कुत्ते ‘DOGS पसीना सूंघकर बतायेंगे कि कोरोना ‘Covid’ है या नहीं,बार बार के Covid Test के झंझट से मिलेगी मुक्ति

Covid-19 रिसर्च: अब कुत्ते ‘DOGS पसीना सूंघकर बतायेंगे कि कोरोना ‘Covid’ है या नहीं,बार बार के Covid Test के झंझट से मिलेगी मुक्ति

News Desk: अभी तक तो आपने कुत्तों को एअरपोर्ट, पुलिस अन्वेषण जैसे कार्यों में कुत्तों को संदिग्ध वस्तुओं और व्यक्तियों को सूँघते हुए देखा होगा। लेकिन अब एक्सपर्ट कुत्ते (DOGS) लोगों को कोरोना वायरस (Covid-19) है या नहीं, ये सूँघकर बतायेंगे। आपको यह जानकर हैरानी तो ज़रूर हुई होगी और सकता है इस बात पर विश्वास भी न आये। लेकिन वैज्ञानिकों ने ऐसा दावा किया है कि उन्होंने कुछ ऐसे कुछ कुत्तों को एक्सपर्ट किया है जो लोगों को बस सूँघकर ही बता दिया करेंगे कि कौन व्यक्ति कोरोना से संक्रमित हैं और कौन नहीं।Covid-19,DOGS,Test, Research,

यूँ तो कुत्तों (DOGS) को लम्बे समय से मेडिकल फील्ड,बम ब्लास्ट, प्रतिबंधित दवाओं को सूँघने और कुछ प्रकार के कैंसर व मधुमेह जैसे रोगों को भी सूँघने जैसे परीक्षण कार्यो के लिए प्रयोग किया जाता रहा है। जिसे ‘बायोडिटेक्शन’ प्रक्रिया कहा जाता है। इसी आधार पर वर्ष- 2020 में जब ‘Covid’-19 महामारी आयी तो वैज्ञानिकों व विशेषज्ञों ने कोविड वायरस को सूँघने के लिए कुत्तों (DOGS) को भी प्रशिक्षित करना शुरु किया, जिसके बाद वैज्ञानिकों को जल्दी ही उनके प्रयास और परीक्षण में सफ़लता मिल गई है।https://youtu.be/J0oPlVvLMu0Covid-19,DOGS,Test, Research,

अमेरिकी सरकार के NCBI (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) के अनुसार “कुत्तों (DOGS) को उनकी सूँघने की अति संवेदनशीलता गुण के लिए जाना जाता है। जब बीमार इंसानों के शरीर से वाष्पशील कार्बनिक यौगिक बाहर आने को आते हैं तो यें यौगिक गैस के रूप में उत्सर्जित होते हैं। क्योंकि प्रति संक्रमण की एक विशिष्ट गन्ध होती है इसलिए Covid-19 से संक्रमित हुए लोगों की भी एक विशेष गन्ध होती है जिसे बायोडिटेक्शन प्रक्रिया में एक्सपर्ट कुत्ते पहचान लेते हैं।”Covid-19,DOGS,Test, Research,

NCBI (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) के अनुसार “फिनलैंड व लेबनान देशों में किए गए कुछ परीक्षणों के आरम्भिक निष्कर्षों से पता चला कि कुत्ते (DOGS) भी कोविड संक्रमण को पारम्परिक जाँच के संक्रमित लोगों की गन्ध सूँघकर Covid वायरस का पता लगाने में लेने में सक्षम साबित हुए हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वर्ष- 2022 में ऐसे बहुत से स्थानों व आयोजनों की संख्या बढ़ती जा रही है जहाँ पर कोविड संक्रमण सूँघने वाले एक्सपर्ट कुत्तों को तैनात किया जा रहा है। दुबई में भी पुलिस ने ऐसे 38 खोजी एक्सपर्ट कुत्तों की एक ख़ास इकाई का गठन किया है जो 92 प्रतिशत सटीकता के साथ इन्सानी पसीने की गन्ध के आधार पर कोविड-19 के नमूनों को कुत्तों द्वारा सुंघवाकर पता लगा सकती है।Covid-19,DOGS,Test, Research,

बोस्टन ग्लोब की एक रिपोर्ट अनुसार उधर अमेरिका के मैसाचुसेट्स में भी Covid-19 संक्रमण के सूँघने वाले कुत्ते स्कूलों और कॉलेजों के आसपास चक्कर लगाते दिखाई दे रहे हैं। बोस्टन ग्लोब के अनुसार यहाँ शेरिफ के एक कार्यालय ने एक कार्यक्रम स्टार्ट किया है जिस में दो ‘हंटाह’ और ‘ड्यूक’ नाम के कुत्तों (DOGS) को एक प्रयोगशाला का भाग बनाया गया है जो 15 स्कूलों में हर रोज़ जाते हैं और वायरस की गन्ध को सूँघकर कोविड संक्रमण का पता लगाते हैं।Covid-19,DOGS,Test, Research,

वहीं ऑस्ट्रियाई सेना ने भी रिकॉर्ड पर कहा है कि “उसने अपने कुछ कुत्तों को Covid-19 के संक्रमण को सूंघने के लिए प्रशिक्षित किया है। लेकिन उन्होंने कहा है कि बे फ़िलहाल बड़े स्तर पर संक्रमण को सूँघने के लिए अपने कुत्तों की तैनाती नहीं करेंगे।”

वहीं रिपोर्ट के अनुसार “अमेरिका की कुछ निजी फर्मों ने भी कुत्तों को Covid-19 संक्रमण का पता लगाने के लिए प्रशिक्षण दिया है। जिस का उन्हें काफ़ी लाभ भी मिला है। अमेरिका में गीत,संगीत कार्यक्रमों, समारोहों और कार रेस इत्यादि बड़े सांस्कृतिक आयोजनों में कोविड संक्रमण को सूँघने वाले एक्सपर्ट कुत्तों (DOGS) का उपयोग किया जा रहा है।Covid-19,DOGS,Test, Research,
अब जब Covid-19 का नया वैरियंट ‘ओमिक्रॉन’ आया है इसके बाद तो ऐसे सूँघ एक्सपर्ट कुत्तों की बढ़ी डिमांड देखी जा रही है। जैसा कि एक बार फ़िर दुनिया में ओमिक्रोन के रूप में कोरोना तीव्र गति से फ़ैलता जा रहा है। ऐसे में हर कोरोना प्रभावित देश इस सरल और कम ख़र्चीली कोविड जाँच के प्रति अपना ध्यान आकृष्ट करना चाहिए।Covid-19,DOGS,Test, Research,
क्योंकि अभी तक तो कोरोना वायरस की पहचान हेतु एंटीजन व R.T.P.C.R जाँच (Test) की ही आवश्यकता पड़ती है लेकिन जैसा वैज्ञानिको ने कुत्तों के सूंघकर कोरोना संक्रमण के होने या न होने का पता लगाने वाला यह दावा किया है। अगर वैज्ञानिकों का यह परीक्षण वास्तव में कारगर सिद्ध होता है तो निश्चित रूप से यह कोरोना की मँहगी जाँच से छुटकारा देने वाली बात होगी।

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Author: Desh Duniya Today [Farhad Pundir]