Czech Republic Crisis: श्रीलंका की तरह अब दुनिया का यह देश आया भीषण आर्थिक संकट की चपेट में, लाखों प्रदर्शनकारी उतरे सड़कों पर, सरकार को इस्तीफ़ा देने का दिया अल्टीमेटम

Czech Republic Crisis: श्रीलंका की तरह अब दुनिया का यह देश आया भीषण आर्थिक संकट की चपेट में, लाखों प्रदर्शनकारी उतरे सड़कों पर, सरकार को इस्तीफ़ा देने का दिया अल्टीमेटम

विश्व समाचार, प्राग: Czech Republic Crisis- श्रीलंका के बाद अब दुनिया का एक और देश भीषण आर्थिक संकट की भेंट चढ़ चुका है। श्रीलंका की तरह ही चेक रिपब्लिक देश के हज़ारों की संख्या में लोग सरकार के विरुद्ध सड़कों पर उतर आये हैं। जो कि सरकार से तुरन्त इस्तीफ़ा देने के लिये सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।Czech Republic Crisis

DW न्यूज़ की एक रिपोर्ट के अनुसार चेक रिपब्लिक की राजधानी पराग (Prague) में हज़ारों,लाखों की संख्या में नागरिक एकत्रित होकर एक विशाल प्रदर्शन कर रहे हैं। इन प्रदर्शनकारियों ने चेक रिपब्लिक सरकार को 25 सितम्बर तक इस्तीफ़ा देने की चेतावनी दी है। (Czech Republic Crisis)

विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस विशाल प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले संगठनों में लोकलुभावन प्रवासी-विरोधी स्वतन्त्रता संगठन, लोकतन्त्र पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी के समर्थक हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चेक रिपब्लिक-1′ में यह विरोध प्रदर्शन देश में बढ़ती ऊर्जा कीमतों, कोविड-19 टीकाकरण व अप्रवासियों के कारण देश में बढ़ती मुद्रास्फ़ीति को ज़िम्मेदार ठहराया जा रहा है। (Czech Republic Crisis)

इन हज़ारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने देश की मौजूदा कंजर्वेटिव सरकार व प्रधानमन्त्री ‘पेट्र फिआला’ के नेतृत्व वाली वर्तमान गठबन्धन वाली सरकार से इस्तीफ़े की माँग की है। इस गठबन्धन की सरकार ने दिसम्बर 2021 में ही देश की सत्ता सम्भाली थी। (Czech Republic Crisis)

यें प्रदर्शनकारी देश की मँहगाई, कोविड- टीकाकरण और अप्रवासियों के विरोध के अलावा अपनी सरकार की यूक्रेन नीति को लेकर भी प्रदर्शन के दौरान सरकार की आलोचना कर रहे हैं। प्रदर्शन का आयोजन कर रहे लोगों का कहना है कि चेक रिपब्लिक को सैन्य रूप से तटस्थ होना चाहिये और रूस समेत गैस आपूर्तिकर्ताओं के साथ सीधे अनुबन्ध सुनिश्चित करना चाहिये।”

इन प्रदर्शनकारियों ने यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस के विरुद्ध प्रतिबन्धों का समर्थन करने के लिये सरकार की निन्दा करते हुए अपनी सरकार पर आरोप लगाया कि वह ऊर्जा की बढ़ती क़ीमतों से निपटने में असमर्थ है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि “सरकार अपने देश के लोगों पर ध्यान देने की बजाय युद्धग्रस्त यूक्रेन पर अधिक ध्यान दे रही है।” (Czech Republic Crisis)

बता दें कि चेक गणराज्य जो कि फ़िलहाल यूरोपीय संघ की अध्यक्षता कर रहा है, उसने यूक्रेन से 400,000 शरणार्थियों को अपने देश में शरण देते हुए युद्धग्रस्त देश को महत्वपूर्ण सैन्य व मानवीय सहायता प्रदान की है। जिस पर यें प्रदर्शनकारी अपनी सरकार के विरुद्ध सड़कों पर उतरे हुए हैं। (Czech Republic Crisis)

Czech Republic Crisis

चेक रिपब्लिक की राजधानी प्राग में रैली के एक दिन बाद ही सरकार के अविश्वास मत से बचने के बाद विपक्ष ने यह दावा किया है कि सरकार मुद्रास्फ़ीति व ऊर्जा की बढ़ती क़ीमतों पर कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। वहीं दक्षिणपंथियों के सहयोग से बनी केन्द्र की सरकार के प्रधानमन्त्री पेट्र फ़ियाला ने कहा है कि “प्रदर्शनकारियों का यह विरोध देशहित में नहीं हैं।” (Czech Republic Crisis)

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Author: Desh Duniya Today [Farhad Pundir]