Deoband Arshad Madni: मदरसों के सर्वे पर मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि ‘विरोध मदरसों के सर्वे का नहीं, बल्कि मानसिकता पर सवाल उठता है

Deoband Arshad Madni: मदरसों के सर्वे पर मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि ‘विरोध मदरसों के सर्वे का नहीं, बल्कि मानसिकता पर सवाल उठता है

देवबन्द: Deoband Arshad Madni-
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा मदरसों के सर्वे की प्रक्रिया पर जमीयत उलमा-ए-हिन्द के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा है कि ‘मदरसों के सर्वे को लेकर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, परन्तु मौजूदा हालात को देखते हुए (सर्वे कराने के पीछे की) मानसिकता पर सवाल ज़रूर उठता है।”Deoband Arshad Madni

मीडिया रिपोर्ट अनुसार मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि “दीनी मदारिस हमेशा से ही कुछ ताक़तों को खटकते आ ही रहे हैं।” उन्होंने कहा कि “मदरसों में केवल धार्मिक शिक्षा दी जाती है, और हमें यह अधिकार हमारा भारतीय संविधान देता है। संविधान में हमें अपने शिक्षण संस्थायें स्थापित करने व उन्हें चलाने की पूरी आज़ादी दी जाती है।” (Deoband Arshad Madni)

मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि “मदरसों में दी जाने वाली क़ुरआन-ओ-हदीस की शिक्षा में आतंकवाद व उग्रवाद जैसी चीज़ के लिये कोई स्थान नहीं है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि “मदरसों की व्यवस्था को ठीक करने की बात अपनी जगह है, क्योंकि यें मदरसे क़ौम की रीढ़ होती हैं। इन मदरसों का वजूद देश के विरोध के लिये नहीं बल्कि देश के निर्माण और विकास में योगदान देने के लिये है। (Deoband Arshad Madni)

हालांकि मौलाना अरशद मदनी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा भी करते हुए कहा कि “योगी आदित्यनाथ ने अपने सहारनपुर दौरे के दौरान मीडिया द्वारा शेख़ुल हिन्द मेडिकल कॉलेज का नाम बदलने के सवाल पर मुख्यमंत्री योगी ने दो टूक कहा था कि..जिसके नाम पर यह कॉलेज है, वह देश के बहुत बड़े स्वतंत्रता सैनानी थे।” (Deoband Arshad Madni)
यह भी पढ़ें- कोलकाता में भगवा टीशर्ट पहने युवक ने पुलिस की गाड़ी में लगाई आग, साथ में थे बीजेपी के झण्डे लिये लोग, लेकिन बीजेपी बोलीं ‘हम नहीं थे’BJP Protests in Bengal

Author: Desh Duniya Today [Farhad Pundir]