कश्मीरी पंडितों के पलायन की वजह दिल्ली में बैठी हुकूमत थी, अगर मैं ज़िम्मेदार निकला तो जहाँ चाहे फाँसी पर चढ़ा देना-Farooq Abdullah’s reaction to the film Kashmir Files

कश्मीरी पंडितों के पलायन की वजह दिल्ली में बैठी हुकूमत थी, अगर मैं ज़िम्मेदार निकला तो जहाँ चाहे फाँसी पर चढ़ा देना-Farooq Abdullah’s reaction to the film Kashmir Files

जम्मू कश्मीर: 
Farooq Abdullah’s reaction to the film Kashmir Files- कश्मीरी पंडितों के नरसंहार और पलायन पर बनी फिल्म “The Kashmir Files’ पर इन दिनों देश में ख़ूब चर्चाओं में है। रोज़ इस फ़िल्म को लेकर देश की राजनीतिक और फ़िल्मी हस्तियों के तरह तरह के बयान आ रहे हैं। इसी बीच ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस’ के लीडर फ़ारुक़ अब्दुल्ला का इस फ़िल्म को लेकश्मीरी पंडितों के पलायन की वजह दिल्ली में बैठी हुकूमत थी, अगर मैं ज़िम्मेदार निकला तो जहाँ चाहे फाँसी पर चढ़ा देना-Farooq Abdullah’s reaction to the film Kashmir Filesकर पहला बयान दिया है। फ़ारुक अब्दुल्ला कश्मीरी पंडितों के पलायन की वजह दिल्ली में बैठी हुकूमत थी, अगर मैं ज़िम्मेदार निकला तो जहाँ चाहे फाँसी पर चढ़ा देना-Farooq Abdullah’s reaction to the film Kashmir Filesका कहना है कि “कश्मीर से कश्मीरी पंडितों के पलायन की वजह तब दिल्ली में बैठी (तत्कालीन) सरकार थी।” फ़ारुख़ अब्दुल्ला ने स्पष्ट कहा कि “अगर मैं इस पलायन (कश्मीरी पंडितों के पलायन) के लिये ज़िम्मेदार निकलता हूँ तो मुझे जहाँ चाहे वहाँ फाँसी पर चढ़ा देना।” (Farooq Abdullah’s reaction to the film Kashmir Files)

नेशनल कॉन्फ्रेंस के लीडर फ़ारुक अब्दुल्ला ने ‘आज तक’ टीवी चैंनल को दिये साक्षात्कार में कहा कि “हर कश्मीरी चाहता है कि कश्मीरी पंडित वापिस लौटें..1990 में जो भी हुआ वह एक साजिश थी..दरअसल कश्मीरी पंडितों को वहाँ से एक साजिश के तहत भगाया गया था और उस वक़्त जो दिल्ली में (केन्द्र सरकार में) बैठे थे वह इसके लिये ज़िम्मेदार हैं, मेरा दिल आज भी उन भाइयों के लिये (कश्मीरी पंडितों के लिये) रो रहा है।” (Farooq Abdullah’s reaction to the film Kashmir Files)

फ़िल्म ‘The Kashmir Files’ पर फ़ारूक़ अबदुल्ला ने कहा कि “यह फ़िल्म दिल जोड़ नहीं रही है बल्कि दिल तोड़ रही है..अगर इस आग को हम बुझाएंगे नहीं तो यह सारे देश को शोले की तरह जला देगी.. मैं वज़ीरे आज़म से कहूँगा कि मेहरबानी करके ऐसी चीजें न करें जिस से मुल्क़ में ऐसी सूरते हाल बन जाये जैसी हिटलर के ज़माने में जर्मनी की बनी थी। (Farooq Abdullah’s reaction to the film Kashmir Files)

फ़ारुक़ अब्दुल्ला ने आगे कहा कि “धारा 370 ख़त्म हुये कितने साल हुये क्या आतंकवाद ख़त्म हुआ?… क्या बम ब्लास्ट बन्द हुये?.. आपकी इतनी फ़ौज यहाँ पर है वे क्यों नहीं रोक सके? जम्मू कश्मीर में तो अभी भी लोगों की हत्यायें हो रही है, यहाँ आज भी कश्मीरी पंडितों के 800 ख़ानदान रह रहे हैं..क्या किसी ने उनको हाथ लगाया?” उन्होंने कहा कि “पुलवामा के बंशीलाल ने बयान दिया है कि मैं यही रहा हूँ, मैं नहीं गया, मैं यहाँ बहुत ख़ुश हूँ।” फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने बातों बातों में जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने भी बात कही। (Farooq Abdullah’s reaction to the film Kashmir Files)

टीवी साक्षात्कार के आख़िर में फ़ारुक़ अब्दुल्ला ने कश्मीर घाटी में हिन्दू मुख्यमंत्री बनाये जाने पर कहा कि “अगर हिन्दू सी.एम ईमानदारी से चुनकर आता है तो कोई भी कश्मीरी उँगली नहीं उठायेगा। लेकिनअगर बेईमानी से आयेगा तो हम क़ुबूल नहीं करेंगे।” (Farooq Abdullah’s reaction to the film Kashmir Files)

Author: Desh Duniya Today [Farhad Pundir]