Gujarat Liquor Case: Sad, गुजरात में विषैली शराब से 23 की मौत, 40 से अधिक लोग गम्भीर, संदिग्ध शराब तस्कर गिरफ़्तार

Gujarat Liquor Case: गुजरात में विषैली शराब से 23 की मौत, 40 से अधिक लोग गम्भीर, संदिग्ध शराब तस्कर गिरफ़्तार

बोटाद, गुजरात: Gujarat Liquor Case
गुजरात शराबबन्दी के बावजूद बोटाद जनपद में ज़हरीली शराब पीने से 23 लोगों की मौत होने की ख़बर है, जबकि 40 से अधिक लोग गम्भीर हैं जिनका हॉस्पिटल में उपचार चल रहा है। पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित कुछ अन्य संदिग्ध शराब तस्करों को अरेस्ट कर लिया है। शराब तस्करों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि शराब फ़ैक्ट्री में मेंथनॉल की आपूर्ति की जा रही थी, और यह कैमिकल अहमदाबाद से सप्लाई किया जाता था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रविवार की रात बोटाद ज़िले के रोजिद के कुछ व्यक्तियों ने यह ज़हरीली शराब पी ली थी। जिसके बाद सुबह इन सभी के पेट में दर्द होने और उल्टियां होने शिकायत हुई। जिसके बाद परिजन उन्हें हस्पताल ले गये। इनमें से 2 व्यक्तियों की तो हस्पताल पहुँचते ही मृत्यु हो गई। इनके बाद 10 और लोगों ने भी इलाज के दौरान सोमवार की रात तक तोड़ दिया था। और आज सुबह मौत का यह आंकाड़ा बढ़कर 23 हो गया है। (Gujarat Liquor Case)

वहीं इस हादसे के बाद पुलिस, प्रशासन में हड़कम्प मच गया है। राज्य में शराबबन्दी होने के बावजूद गुजरात सरकार भी इस बात को लेकर काफ़ी चिन्तित है कि आख़िर यह शराब आयी तो आयी कहाँ से? गुजरात सरकार ने मामले की गम्भीरता को देखते हुए जाँच के दिये हैं, और जाँच DSP रैंक के अधिकारी की अध्यक्षता में होगी। (Gujarat Liquor Case)

विदित हो कि गुजरात राज्य में फ़िलहाल शराबबन्दी लागू है, लेकिन शराबबन्दी के बावजूद शराब कहाँ से आ रही है? ये एक बड़ा प्रश्न है। एक दिन पूर्व ही खुद सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा के ज़िलाध्यक्ष की एक वीडियो वायरल हुई थी, जिसमें वे शराब के नशे में धुत्त एक कार्यक्रम के मंच पर बैठे थे। गुजरात के एक काँग्रेस नेता ने भाजपा के इस नेता का वीडियो शेयर किया था। जिसके बाद भाजपा आला कमान ने ज़िलाध्यक्ष ने पद से हटा दिया था। (Gujarat Liquor Case)

आपको बता दें कि गुजरात राज्य में यह शराबबन्दी कोई अभी की बात नहीं है बल्कि वर्ष-1960 से ही गुजरात राज्य में शराब पर पाबन्दी लागू है। लेकिन वर्ष- 2017 में गुजरात सरकार ने शराबबन्दी से जुड़े क़ानून कुछ कठोर नियमों का प्रावधान किया था। इस संशोधित क़ानून के अन्तर्गत यदि कोई व्यक्ति अवैध तरीक़े से शराब बेचते पाया जाता है तो है तो इसके लिये 10 वर्ष की सज़ा व 5 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। (Gujarat Liquor Case)
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Author: Desh Duniya Today [Farhad Pundir]