Hanuman birth place controversy: हनुमान के जन्म स्थल विवाद सुलझाते सुलझाते आपस में ही भिड़ पड़े सन्त

Hanuman birth place controversy: हनुमान के जन्म स्थल विवाद सुलझाते सुलझाते आपस में ही भिड़ पड़े सन्त

नासिक:
हनुमान के जन्म स्थल पर उपजे विवाद को विराम देने के लिये नासिक में मंगलवार को बुलायी गयी एक धर्मसभा में कुछ मुद्दों को लेकर साधु-संतों के गुटों के बीच आपस में ही झगड़ा हो गया। इस मौक़े पर पुलिस को शान्ति व्यवस्था स्थापित करने के लिये हस्तक्षेप करना पड़ा। (Hanuman birth place controversy)

बता दें कि हाल ही में आध्यात्मिक नेता किषकिंधा मठाधिपति स्वामी गोविन्दानंद सरस्वती ने दावा किया था कि किषकिंधा (कर्नाटक के हम्पी में) हनुमान का जन्म स्थल था न कि नासिक में अंजनेरी में। किषकिंधा मठाधिपति स्वामी गोविन्दानंद सरस्वती के इस दावे के बाद उपजे विवाद पर स्वामी गोविन्दानंद ने अपने इस दावे से सहमत नहीं होने वाले सन्तों को सबूत पेश करने को कहा था, जिस के बाद यहाँ साधु-सन्तों ने एक धर्म सभा का आयोजन करने का निर्णय लिया था।

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वहीं एक शोभायात्रा का नेतृत्व करते हुए त्रयम्बकेश्वर से अंजनेरी पहुँचने की गोविन्दानंद सरस्वती की योजना का अंजनेरी क्षेत्र वासियों व साधुओं ने विरोध पुरज़ोर किया। इन लोगों का मानना है कि इस से क्षेत्र का माहौल बिगड़ सकता है। बता दें कि इन दोनों स्थानों (अंजनेरी व किषकिंधा) के बीच की दूरी केवल 15 किलोमीटर है। (Hanuman birth place controversy)

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस संबंध में पुलिस ने बताया कि किषकिंधा मठाधिपति स्वामी गोविन्दानंद सरस्वती की शोभायात्रा का विरोध करने लोगों ने नासिक-त्रयम्बकेश्वर मार्ग को 30 मई को अवरूद्ध कर दिया ताकि गोविन्दानंद के आने पर वे अपना विरोध ज़ाहिर कर सकें। इसके बाद मंगलवार को धर्मसभा में बैठने की व्यवस्था और कुछ मुद्दों पर साधु संतों के बीच तीखी नोंकझोंक हुई।

इस दौरान जब एक आध्यात्मिक नेता ने स्वयं का परिचय दिया तो भगवान कालाराम मन्दिर के महन्त सुधीरदास ने कथित तौर पर उन्हें कांग्रेसी बता दिया, जिस पर दोनों गुटों के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। परिणामस्वरूप महन्त सुधीरदास ने धमकी देते हुए वहाँ पर रखे माइक का एक स्टैंड उठा लिया। (Hanuman birth place controversy)

hanuman birth place controversyइस दौरान स्वामी गोविन्दानंद के समर्थकों ने दावा किया कि “उन्हें धर्मसभा में अपने विचार रखने की अनुमति ही नहीं दी गई।” इसके बाद यहाँ साधु-सन्तों के बीच नोकझोंक और कहासुनी और बढ़ गई। स्थिति की गम्भीरता को देखते हुए वहाँ पर मौजूद पुलिस को शान्ति व्यवस्था बनाने के लिए मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। इस धर्मसभा में उपस्थित हुए लोगों में से कुछ लोगों ने बताया कि है कि फ़िलहाल यह धर्मसभा स्थगित कर दी गयी है और बाद में नई तारीख़ की घोषणा की जायेगी। (Hanuman birth place controversy)
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Author: Desh Duniya Today [Farhad Pundir]