Hate Speech: हरिद्वार और दिल्ली की तरह अलीगढ़ में सम्भावित ‘धर्म संसद’ को लेकर डीएम से ऐहतियातन कार्यवाही की गुहार

Hate Speech: हरिद्वार और दिल्ली की तरह अलीगढ़ में सम्भावित ‘धर्म संसद’ को लेकर डीएम से ऐहतियातन कार्यवाही की गुहार

उत्तर प्रदेश:
उत्तराखंड के हरिद्वार की तरह अब यूपी के अलीगढ़ जनपद के नौरंगाबाद स्थित सनातन भवन में भी सनातन धर्म संसद द्वारा एक कार्यक्रम के आयोजन का ऐलान किया गया है। जिसके बाद हेट स्पीच के ख़िलाफ़ उच्चतम न्यायालय में याचिकायें दायर करने वाले लोगों व संगठनों द्वारा अलीगढ़ के डीएम को पत्र लिखकर उनसे यह सुनिश्चित करने का का आग्रह किया गया है कि “जैसे बीते वर्ष दिसम्बर माह में उत्तराखंड के हरिद्वार व दिल्ली में आयोजित हुए ‘धर्म संसद’ कार्यक्रमों में मुसलमानों के विरुद्ध कथित तौर पर नफ़रत भरे भाषणों में मुसलमानों के नरसंहार करने का आह्वान किया गया था उसकी पुनरावृत्ति अलीगढ़ में न हो। याचिका दायर ने इस में अलीगढ़ के डीएम से ऐहतियातन कार्यवाही करने का आग्रह किया गया।

विदित हो कि गत वर्ष उत्तराखंड के हरिद्वार में 17 से 19 दिसम्बर के बीच कुछ हिंदुत्ववादी विचारधारा के कट्टरपंथी लोगों द्वारा एक ‘धर्म संसद’ का आयोजन किया गया था जिसमें वक्ताओं द्वारा मुसलमानों के नरसंहार के आह्वान करने जैसी हेट स्पीच (Hate Speech) देने का मामला सामने आया था। जिसके बाद हेट स्पीच के विरोध में मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों द्वारा उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की गई थी।

जिसके बाद माननीय उच्चतम न्यायालय ने विगत 12 जनवरी-2022 को केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस व उत्तराखंड पुलिस से इन याचिकाओं पर जवाब दाख़िल करने को कहा था। इस संबंध में प्रधान न्यायाधीश एन.वी रमना की अध्यक्षता वाली खण्डपीठ ने दायर याचिका पर एक नोटिस रिलीज़ करते हुए कहा था कि “याचिकाकर्ता इस प्रकार की घटनाओं के सम्बन्ध में स्थानीय अधिकारियों को एक प्रतिवेदन देने के लिए स्वतंत्र हैं।”

खण्डपीठ ने ये बात याचिकाकर्ताओं की तरफ़ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल द्वारा यह बताये जाने के बाद कही थी कि “एक ‘धर्म संसद’ अलीगढ़ में होने वाली है।” कपिल सिब्बल ने कोर्ट में यह दलील दी थी कि “कुछ और आयोजनों की योजना है..जिन में भड़काऊ भाषण दिए जाने की आशंका है।”

अब याचिकार्ताओं ने माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रदान की गई स्थानीय अधिकारियों को प्रतिवेदन देने की स्वतंत्रता के बाद जमीयत उलेमा-ए-हिन्द सहित मुस्लिम संगठनों ने अलीगढ़ के डीएम को लिखे पत्र में कहा कि ” 22-23 जनवरी-2022 को अलीगढ़ में अब एक और ‘धर्म संसद’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जिस में उन लोगों (हरिद्वार, दिल्ली धर्म संसद में हेट स्पीच देने वालों) के द्वारा फ़िर से भड़काऊ भाषण देने की आशंका है।” डीएम को प्रेषित पत्र में कहा गया है कि भीड़ हिन्सा की किसी भी सम्भावित घटना से बचने के लिए एहतियातन उपाय करना ज़िला प्रशासन की ज़िम्मेदारी है और आप (डीएम) अलीगढ़ में प्रशासन के प्रभारी हैं। इसलिए सम्भावित धर्म संसद में इस प्रकार के भाषण नहीं होने चाहिए।

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Author: Desh Duniya Today [Farhad Pundir]