Hindu Rashtra: भारत में संतों ने किया हिन्दू राष्ट्र का तथाकथित संविधान तैयार,हिन्दुओं को मिलेंगे यें अधिकार लेकिन ईसाइयों और मुस्लिमों को मताधिकार नहीं

Hindu Rashtra: भारत में संतों ने किया हिन्दू राष्ट्र का संविधान तैयार,हिन्दुओं को मिलेंगे यें अधिकार लेकिन ईसाइयों और मुस्लिमों को मताधिकार नहीं

न्यूज़ डेस्क: Hindu Rashtra-
पिछले कुछ वर्षों से दक्षिण पंथियों द्वारा भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की माँग की जा रही है। यह काम भारत के संविधान के अनुसार तो फ़िलहाल सम्भव नहीं हो पा रहा है, लेकिन संतों-महात्माओं द्वारा तथाकथित हिन्दू राष्ट्र का एक संविधान का मसौदा तैयार किया जा चुका है, और इसको तैयार किया है वाराणसी में 30 संतों और विद्वानों द्वारा।

पिछले 2 दिनों से यह ख़बर भारतीय मीडिया की सुर्खियां बनी हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है, कि इस तथाकथित हिन्दू राष्ट्र के संविधान में ईसाइयों और मुस्लिमों को मताधिकार की व्यवस्था नहीं की गयी है। बताया जा रहा है कि इस तथाकथित हिन्दू राष्ट्र के संविधान को अगले वर्ष-2023 में होने जा रहे माघ मेले आयोजित होने वाली धर्म संसद में प्रस्तुत किया जायेगा।

विदित हो कि इस वर्ष फरवरी माह-2022 में आयोजित माघ मेले के दौरान साधु-संतों द्वारा सेक्युलर भारत देश को हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिये आयोजित हुई धर्म संसद में प्रस्ताव पारित किया गया था। (Hindu Rashtra)

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अब इस पर आगे बढ़ते हुए संतों ने तथाकथित हिन्दू राष्ट्र के लिये अपने विशेष संविधान का मसौदा तैयार कर लिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस संविधान में हिन्दुओं को अपेक्षित सभी अधिकार दिये गये हैं, लेकिन मुस्लिमों और ईसाइयों को मताधिकार सहित बहुत से अधिकारों से वंचित रखा गया है। (Hindu Rashtra)

मीडिया रिपोर्ट्स में गश्त कर रही ख़बरों के अनुसार, इस तथाकथित हिन्दू राष्ट्र के संविधान के पहले मसौदे में शिक्षा, क़ानून व्यवस्था, रक्षा, मतदान प्रणाली और राज्य के मुखिया के अधिकारों के बारे में उल्लेख किया गया है। और इस तथाकथित हिन्दू राष्ट्र के संविधान के अनुसार कथित हिन्दू राष्ट्र की राजधानी बनाने पर वाराणसी का चयन किया गया है। और यहीं वाराणसी में ही एक धर्म संसद बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। (Hindu Rashtra)

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस तथाकथित हिन्दू राष्ट्र के संविधान में सभी नागरिकों को सैन्य प्रशिक्षण लेना अनिवार्य किया जायेगा। वहीं खेती को करमुक्त रखने की व्यवस्था की जायेगी। इस संविधान में हिन्दुओं, बौद्धों, सिखों और जैनियों को को मत का अधिकार होगा, लेकिन मुस्लिमों और ईसाइयों को मतदान का अधिकार नहीं होगा। (Hindu Rashtra)

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि, इस तथाकथित संविधान के कवर पेज पर अखण्ड भारत (भारत, पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान सहित अन्य देश जो कभी भारत का हिस्सा थे) का नक्शा बना होगा। इसके कवर पेज पर कुछ मन्दिरों को दर्शाया गया है जिन पर भगवा झण्डा लहराया हुआ है। वहीं इस कथित संविधान में ब्रिटिश काल के सभी नियम समाप्त किये जा रहे हैं। (Hindu Rashtra)

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि, इस संभावित हिन्दू राष्ट्र संविधान में न्याय प्रणाली त्रेतायुग व द्वापरयुग के समय वाली न्याय व्यवस्था को लागू किया जायेगा। और शिक्षा पुराने ज़माने के अनुसार गुरुकुलों में दी जायेगी। इन गुरुकुलों में ज्योतिष, नक्षत्र, आयुर्वेद, भूगर्भ और गणित इत्यादि विषयों की शिक्षा दी जायेगी। (Hindu Rashtra)
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Author: Desh Duniya Today [Farhad Pundir]