आख़िर एक वर्ष के अन्दर ही पश्चिम बंगाल की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी ‘Zero’ पर क्यों और कैसे आ गयी?-How BJP came down to zero in West Bengal civic polls

आख़िर एक वर्ष के अन्दर ही पश्चिम बंगाल की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी ‘Zero’ पर क्यों और कैसे आ गयी?-How BJP came down to zero in West Bengal civic polls

कोलकाता: 
How BJP came down to zero in West Bengal civic polls- पश्चिम बंगाल में अभी विधानसभा चुनाव को हुए एक वर्ष भी नहीं हुआ है। गत वर्ष मई महीने में जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे तो समय बीजेपी ने 77 सीटें जीतकर आने वाले समय में अपने लिए एक बड़ी उम्मीद पर संतोष कर लिया था। लेकिन अभी हाल ही में जब वहाँ निकाय चुनाव हुए तो बीजेपी को अपनी उम्मीदों के विपरीत परिणाम देखने को मिला। यहाँ इस बार बीजेपी को 108 निकायों में से एक भी निकाय पर जीत नसीब नहीं हुई। और पार्टी का वोट प्रतिशत जो गत वर्ष के विधानसभा चुनाव में 38.9 प्रतिशत था वह भी घटकर मात्र 13 प्रतिशत के आस-पास पर आ पहुँचा। (How BJP came down to zero in West Bengal civic polls)

उधर ममता बनर्जी की TMC (तृणमूल कांग्रेस) ने 102 निकायों में जीत हासिल कर ली। वहीं वाम दलों को मात्र 1 सीट मिली जबकि 4 निकायों में किसी को भी बहुमत नहीं मिला। ऐसे परिस्थितियों में राजनीतिक विश्लेषकों और राजनीति में रुचि रखने वालों के सामने स्वाभाविक रूप से एक प्रश्न तो ज़रूर खड़ा होता है कि “आख़िर ऐसा क्या हुआ जो बीजेपी को एक सम्मानजनक सफ़लता मिलने के मात्र 9 या 10 महीने के अन्दर ही ऐसी अपमानजनक असफ़लता झेलनी पड़ी है? (How BJP came down to zero in West Bengal civic polls)

कुछ राजनीतिक विश्लेषक पश्चिम बंगाल में बीजेपी की इस हार का कारण पार्टी नेतृत्व में बदलाव को मान रहे हैं। क्योंकि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में पार्टी ने प्रदेश नेतृत्व में परिवर्तन किया था। प्रदेश इकाई की कमान संभाल रहे अनुभवी दिलीप घोष राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बना दिया था और उनके स्थान पर सुकांता मजूमदार को प्रदेश इकाई की कमान सौंप दी गई थी। सुकांता मजूमदार को अपना पद संभाले अभी 6 महीने भी नहीं हुये कि प्रदेश में निकाय चुनाव आ गये। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुकांता मजूमदार और उनकी प्रदेशीय टीम को काम करने व ज़मीनी हालात तक समझने का समय नहीं मिला है इसलिए ख़राब प्रदर्शन का यह सब से मुख्य कारण रहा है।

Report-Farhad Pundir(Farmat)
Report-Farhad Pundir(Farmat)
Author: Desh Duniya Today [Farhad Pundir]