झारखण्ड में मॉब लिंचिंग पर हेमन्त सोरेन सरकार बनाने जा रही है क़ानून- Jharkhand government made law on mobilizing

झारखण्ड में मॉब लिंचिंग पर हेमन्त सोरेन सरकार बनाने जा रही है क़ानून– Jharkhand government made law on mobilizing

राँची:
झारखण्ड में राज्य की हेमन्त सोरेन सरकार ने प्रदेश में मोब लिंचिंग की घटनाओं को रोकने के लिए मंगलवार को विधानसभा में एक मॉब लिंचिंग रोकथाम बिल पेश किया जिसे विधानसभा ने पारित कर दिया गया है। राज्य सरकार ने इस प्रस्तावित विधेयक का नाम ‘”The Jharkhand Prevention Of Mob Violence Bill 2021″ रखा है। आपको बता दें कि बीजेपी ने इस बिल में संशोधन की मांग की तो वहीं कांग्रेसी विधायकों ने इस बिल का स्वागत किया है।Jharkhand government made law on mobilizing Jharkhand government made law on mobilizing

बता दें कि जब झारखण्ड में चंद्रयान के लिए HEC ने लॉन्चिंग पैड तैयार किया था तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने झारखण्ड राज्य को ‘लॉन्चिंग स्टेशन’ कहकर सम्बोधित किया था लेकिन उस समय नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन ने तबरेज़ अन्सारी नाम के एक व्यक्ति की मॉब लिंचिंग होने के बाद झारखण्ड को ‘लिंचिंग पैड’ तक कह दिया था।Jharkhand government made law on mobilizingJharkhand government made law on mobilizing

झारखण्ड में इस विधेयक के क़ानून बनने के बाद भीड़ किसी प्रकार की हिंसा के दोषी व्यक्ति को उम्र क़ैद तक की सजा सुनाई जा सकती है। इस क़ानून में सज़ा के अतिरिक्त गवाह की सुरक्षा और पीड़ित पक्ष को मुआवज़ा दिए जाने जैसे प्रावधान किये गये हैं। इसके अतिरिक्त दोषियों से जुर्माने के तौर पर 25 लाख रुपये तक की रकम की वसूली, चल और अचल सम्पत्ति ज़ब्त करने का भी प्रावधान किया गया है।Jharkhand government made law on mobilizing Jharkhand government made law on mobilizing

आपको बता दें कि देश में झारखण्ड ऐसा तीसरा राज्य है जिसमें मॉब लिंचिग की घटनाओं पर लग़ाम लगाने के लिए क़ानून बनने जा रहा है। इस “The Jharkhand Prevention Of Mob Violence Bill 2021” बिल में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक़ IG (पुलिस महानिरीक्षक) स्तर के पुलिस अधिकारी को राज्य का समन्वयक बनाये जाने का प्रावधान किया है जो कि ‘नोडल अफ़सर’ कहे जायेंगे। नोडल अधिकारी महीने में कम से कम एक बार प्रदेश के सभी ज़िलों के उन अधिकारियों के साथ बैठक करनी होगी जिन पर ऐसी घटनाओं की रोकथाम अथवा उनकी ख़ुफ़िया जानकारी एकत्रित करने का दायित्व होगा तथा प्रदेश के प्रत्येक जनपद में SSP या SP स्तर के पुलिस अधिकारी इसमें को-ऑर्डिनेटर के रूप में कार्य करेंगे। (Jharkhand government made law on mobilizing)

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Author: Desh Duniya Today [Farhad Pundir]