Muslim Personal Law Board: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा ‘अगर सरकार धर्मनिरपेक्ष शिक्षा की बात करती है तो सरकार की मदरसों के ही ख़िलाफ़ कार्यवाही क्यूँ? गुरुकुलों में क्यूँ नहीं?’

Muslim Personal Law Board: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा ‘अगर सरकार धर्मनिरपेक्ष शिक्षा की बात करती है तो सरकार की मदरसों के ही ख़िलाफ़ कार्यवाही क्यूँ? गुरुकुलों में क्यूँ नहीं?’

नई दिल्ली: Muslim Personal Law Board-
ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने उत्तर प्रदेश में ग़ैर-मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे कराने के निर्णय पर प्रदेश सरकार से प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा कि बीजेपी शासित असम और उत्तर प्रदेश राज्यों में मदरसों को टारगेट किया जा रहा है। बोर्ड का कहना है कि “असम और यूपी में तो मामूली से उल्लंघनों पर मदरसों को बन्द या ध्वस्त कर दिया जाता है। यहाँ तक कि मदरसों व मस्जिदों में काम करने वाले लोगों को आतंकवादी बताकर उन्हें परेशान किया जा रहा है।”

रविवार को आल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना है कि “असम में सरकार द्वारा कुछ मदरसों को तो ध्वस्त किया गया है, और कुछ मदरसों को स्कूलों में तब्दील किया जा रहा है।” ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना है कि यदि मुद्दा धार्मिक शिक्षा को प्रतिबन्धित करने और इसकी बजाये धर्मनिरपेक्ष शिक्षा को बढ़ावा देने का है, तो सरकार गुरुकुलों और अन्य धार्मिक शिक्षण संस्थानों के विरुद्ध मदरसों की तरह कार्यवाही क्यूँ नहीं कर रही है? (Muslim Personal Law Board)

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना है कि “उत्तर प्रदेश में मदरसों की कुल संख्या का कोई स्पष्ट अनुमान नहीं है, परन्तु सच्चर कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि, इनमें लगभग मात्र 4% मुस्लिम बच्चे बी पढ़ते हैं। इनकी संख्या हज़ारों में होने की उम्मीद है। सच्चर समिति का अनुमान अपने आप में एक कम करके आंका गया था। पैनल ने वर्ष- 2006 में अपनी रिपोर्ट वापस सौंपने के साथ संख्या कई गुना बढ़ गयी है। (Muslim Personal Law Board)

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना है कि “इस (इस्लामिक शिक्षा) को अनिवार्य रूप से 3 प्रकार के संस्थानों के माध्यम से प्रसारित किया गया था, मक़तब..जो कि हर दिन कुछ घंटों के लिये मस्जिदों के भीतर आयोजित धार्मिक कक्षाएं चलती हैं। दूसरे छोटे मदरसे..जहाँ 8 से 10 वर्ष की आयु तक के छोटे छात्रों को क़ुरआन याद करना सिखाया जाता है। और तीसरे बड़े मदरसे जहाँ पर छात्रों को इस्लामिक विचारधारा और क़ुरआन की व्याख्या के साथ पैग़म्बर हजरत मोहम्मद सल्ल० के शब्दों व अन्य धार्मिक मामलों की शिक्षा दी जाती है।” (Muslim Personal Law Board)

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Author: Desh Duniya Today [Farhad Pundir]