कृषि मन्त्री Narendra singh tomar के बदले सुर, अब कहा वापस लिए कृषि क़ानूनों को भविष्य में लागू करने की कोई योजना नहीं

कृषि मन्त्री Narendra singh tomar के बदले सुर, अब कहा वापस लिए कृषि क़ानूनों को भविष्य में लागू करने की कोई योजना नहीं

नई दिल्ली: 
केन्द्रीय कृषि मन्त्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने आज (शुक्रवार) राज्यसभा में कहा कि “किसानों के आन्दोलन के बाद सरकार द्वारा वापस लिये गये तीननों कृषि कानूनों को फ़िर से लाने की उनकी कोई योजना नहीं है।”

Narendra singh tomar
केंद्रीय कृषि मंत्री, नरेन्द्र सिंह तोमर

विदित हो कि कृषि मन्त्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra singh tomar) ने विगत 25 दिसम्बर को महाराष्ट्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि “हम कृषि संशोधन क़ानून लाये लेकिन कुछ लोगों को ये क़ानून पसन्द नहीं आया। यह आज़ादी के 70 वर्षों बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक बड़ा कृषि सुधार था।” उन्होंने आगे कहा कि “नये कृषि क़ानून वापस हो गये हैं लेकिन सरकार निराश नहीं हुई, हम ने एक क़दम पीछे खींचा हैं लेकिन हम फ़िर से इस पर आगे बढ़ेंगे क्योंकि किसान ही भारत की रीढ़ हैं।”

जबकि आज (शुक्रवार) को उच्च सदन में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जब सरकार से सवाल किया कि “क्या वापस लिये गये कृषि कानूनों को भविष्य में फ़िर से लाने की सरकार की कोई योजना है?” तो केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra singh tomar) ने इस सवाल के लिखित जवाब में कहा कि “वापस लिए गये तीन कृषि क़ानूनों को भविष्य में फ़िर से लाने की सरकार की कोई योजना नहीं है।”

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मल्लिकार्जुन खड़गे

नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह भी सवाल किया कि “क्या सरकार तीनों कृषि क़ानूनों के विरोध प्रदर्शन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारजनों को कोई केन्द्र सरकार मुआवज़ा प्रदान करेगी?” तो इसके जवाब में नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि‘‘ किसान आंदोलन में मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवज़े इत्यादि का विषय सम्बंधित राज्य सरकारों के पास है।” (Narendra singh tomar)

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केंद्रीय कृषि मंत्री,नरेंद्र सिंह तोमर
Author: Desh Duniya Today [Farhad Pundir]