अब सेना में भी कांट्रैक्‍ट (अनुबन्ध) के आधार पर शुरु होंगी भर्तीयां, 3 से 5 वर्ष की होगी इन सैनिकों की नौकरी- Now there will be recruitment in the army also on contract basis

नई दिल्ली: Now there will be recruitment in the army also on contract basis-
भारत सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण प्रक्रिया के बीच अब सरकार भारतीय सेना में भी भर्ती का नया मॉड्यूल लेकर आ रही है। अब सेना के साथ कार्य करने की इच्छा रखने वाले युवाओं को जल्‍द ही एक बड़ी ख़ुशख़बरी मिल सकती है। क्योंकि अब सैन्य बलों में नये तरीक़े से सैनिकों की बहाली अथवा भर्ती की प्रक्रिया आरम्भ होने जा रही है। इस प्रक्रिया को इसे “टूर ऑफ ड्यूटी” नाम दिया गया है। इसे कम पैसे अथवा बजट में ज़्यादा युवाओं को रोज़गार देने के मक़सद से जल्द ही लॉन्च किया जायेगा। (Now there will be recruitment in the army also on contract basis)Now there will be recruitment in the army also on contract basis

बता दें कि इस प्रक्रिया की लगभग 2 वर्षों से तैयारी चल रही है। इस प्रक्रिया के तहत कम खर्चे में एक निश्चित अल्पकालिक अनुबंध (short term contract) पर सैन्य बलों में अधिकारियों व सैनिकों की भर्ती की जानी है। इस नये भर्ती मॉड्यूल में 25% सैनिकों नौकरी का समय 3 वर्ष और 25% हर पाँच 5 वर्ष बाद रिटायर हुआ करेंगे। जबकि शेष 50% (आधिकारिक रैंक) के सेना अधिकारियों पर यह 3 से 5 वर्ष में रिटायर होने का नियम लागू नहीं होगा। वे अपने पूर्व निर्धारित आयु सीमा पर ही रिटायर होंगे।

कोविड-19 महामारी के कारण पिछले 2 वर्षों में सशस्त्र बलों में सैनिकों की भर्ती में भारी कटौती की दर्ज गई है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार फ़िलहाल थल सेना, वायु सेना और नौसेना में 1,25,364 पद रिक्त हैं। अब इस अल्पकालिक अनुबंध भर्ती प्रक्रिया शुरु करने को शीर्ष नेतृत्व से प्रस्ताव को हरी झण्डी मिलने की उम्मीद है। इसी सप्ताह रक्षा मंत्रालय में ‘टूर ऑप ड्यूटी’ पर एक ब्रीफिंग भी दी गई है। इस योजना को वर्ष-2020 में सेना प्रमुख जनरल एम.एम नरवणे द्वारा लाया गया था और हाल के महीनों में सरकार के शीर्ष स्तरों पर इस योजना के आकार और दायरे पर विचार विमर्श भी हुआ हो चुका है।

हालांकि इस योजना की अन्तिम रूपरेखा अभी तक सामने नहीं आयी है। इसका मक़सद 3 वर्षों की निश्चित अवधि के लिये सामान्य व विशेष कर्तव्यों दोनों के ही लिये सैनिकों की बहाली की थी। इस से सशस्त्र बलों में स्थाई भर्ती की अवधारणा में बदलाव की उम्मीद है। इस नई प्रक्रिया में 3 वर्षोँ के अन्त में अधिकांश सैनिकों को ड्यूटी से मुक्त कर दिया जायेगा। माना जा रहा है कि कॉरपोरेट इण्डिया ऐसे प्रशिक्षित युवाओं के लिये नौकरी आरक्षित करने में रुचि रखता है जिन्होंने अपने देश की सेवा की है। (Now there will be recruitment in the army also on contract basis)Now there will be recruitment in the army also on contract basis

अगर सैनिकों की एक बड़ी संख्या को ‘टूर ऑफ़ ड्यूटी’ प्रक्रिया के तहत लिया जाता है तो वेतन,भत्तों और पेंशन में हज़ारों करोड़ की बचत हो सकती है। इस प्रक्रिया के तहत भर्ती किये गये युवाओं में से सर्वश्रेष्ठ को जगह होने पर अपनी सेवा जारी रखने का मौक़ा मिल सकता है। (Now there will be recruitment in the army also on contract basis)

इस नये टूर ऑप ड्यूटी’अभियान का मक़सद भारत सरकार की लागत को कम करने के साथ साथ हर वर्ष हज़ारों प्रशिक्षित युवाओं को रोज़गार उपलब्ध कराना है। ITI जैसे प्रतिष्ठित कॉलेजों के छात्र जो भी सशस्त्र बलों में उच्च प्रौद्योगिकी अभियान के विस्तार में अपना योगदान देने की इच्छा रखते हैं उन्हें एक छोटे कार्यकाल के लिये (अनुमानित 3 वर्ष) सेवा देने के लिये प्रोत्साहित किया जायेगा, जिस के बाद वें युवा अथवा नागरिक दुनिया में करियर बना सकते हैं। (Now there will be recruitment in the army also on contract basis)

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Author: Desh Duniya Today [Farhad Pundir]