राजस्थान: करौली हिंसा की प्रारम्भिक पुलिस जाँच में जुलूस निकालने वाले ही निकले दोषी, मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र से डीजे के साथ जुलूस निकालने नहीं थी अनुमति- Rajasthan Karauli violence case

राजस्थान: Rajasthan Karauli violence case
करौली हिंसा मामले में शुक्रवार को राजस्थान सरकार ने प्रशासनिक जाँच के आदेश दे दिये हैं। साथ ही राजस्थान सरकार ने इस मामले में 15 दिनों के अन्दर विस्तृत रिपोर्ट माँगी है।इस मामले में राजस्थान पुलिस ने निष्पक्ष जाँच प्रक्रिया में 2 अप्रैल को हिंसा भड़काने के आरोप में 105 आरोपितों को अरेस्ट किया किया था। (Rajasthan Karauli violence case)

इस मामले की आरम्भिक जाँच के दौरान पुलिस ने और 30 लोगों को हिरासत में लिया था और हिंसा भड़काने के आरोप में 37 और लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की थी। लेकिन मामले की जाँच आगे बढ़ने के बीच अब 8 अप्रैल- 2022 को पुलिस ने अपनी जाँच में हिंसा के लिये जुलूस निकालने वाले हिंदुओं को ही ज़िम्मेदार पाया है। (Rajasthan Karauli violence case)

पुलिस ने इस मामले की गहनता से जाँच में पाया कि रैली के दौरान डीजे पर आपत्तिजनक गाने बजाये गये थे जिसके कारण पथराव हुआ था। इस संबंध में करौली हिंसा पर राजस्थान के डी.जी.पी मोहन लाल लाठेर ने कहा कि “नव संवत्सर को जिस प्रकार से शोभा यात्रा निकाली गई वह संदिग्ध थी औऱ उस में आपत्तिजनक गाने बजाये गए थे इसलिये पथराव हुआ।” (Rajasthan Karauli violence case)

डी.जी.पी मोहन लाल लाठेर के अनुसार “करौली के हटवाड़ा बाज़ार के अलावा पूरे प्रदेश में सभी स्थानों पर शान्ति बनी रही और लोगों ने आपसी सौहार्द के साथ इस त्योहार (नव संवत्सर) को मनाया।” डी.जी.पी, का कहना है कि “ऐसी घटना सिर्फ़ करौली में इसलिये हुई क्योंकि वर्ष-2015 के बाद से इस क्षेत्र में कोई जुलूस नहीं निकाला गया था.. पुलिस ने स्थिति की निगरानी के बाद रैली आयोजकों को अनुमति तो दी थी लेकिन डी.जे के लिये कोई अनुमति नहीं दी गई थी।” (Rajasthan Karauli violence case)

यह भी पढ़ें- राजस्थान के करौली में धार्मिक जुलूस के दौरान हुई हिंसा के बाद लगा कर्फ़्यू, सीएम अशोक गहलोत ने की लोगों से शान्ति की अपीलRajasthan Karauli Violence

Author: Desh Duniya Today [Farhad Pundir]