S jaishankar in Slovakia: भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूरोप, अमेरिका को लिया आड़े हाथ, कहा ‘चीन पर चुप्पी साधकर हमें यूक्रेन पर ज्ञान न दें’

S jaishankar in Slovakia: भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूरोप, अमेरिका को लिया आड़े हाथ, कहा ‘चीन पर चुप्पी साधकर हमें यूक्रेन पर ज्ञान न दें’

नई दिल्ली: S jaishankar in Slovakia- स्लोवाकिया दौरे पर पहुँचे भारत के विदेश मन्त्री एस. जयशंकर से एक बार फ़िर पश्चिमी मीडिया ने रूस से सस्ते क़ीमत में तेल ख़रीदने को लेकर सवाल पूछा है। इसके बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूरोप के देशों के साथ अमेरिका की भी पोल खोलने के लिए यूरोपीय मीडिया से ही सवाल पूछा “कि क्या सिर्फ़ भारत के पैसों से यूक्रेन युद्ध लड़ा जा रहा है? और क्या रूस से तेल ख़रीदना युद्ध के लिये पैसे देना है?” एस जयशंकर ने आगे विदेशी मीडिया से आगे पूछा कि “क्या यूरोप के देश जो अरबों डॉलर के तेल रूस से ख़रीद रहे हैं.. क्या वे युद्ध को बढ़ावा नहीं दे रहे हैं? (S jaishankar in Slovakia)

भारत के विदेश मन्त्री एस जयशंकर ने कहा कि “भारत की विदेश नीति किसी से भी बंधी नहीं हुई है। लेकिन हो सकता है कि भारतीय विदेश नीति कुछ देशों के अनुकूल न हो।” ‘GLOBESEC’ में भाग लेते हुए भारतीय विदेश मन्त्री ने कहा कि “हम मात्र तटस्थ इसलिये नहीं बैठे हुए हैं। क्योंकि मैं आपसे सहमत नहीं है, हमारी विदेश नीति का अपना एक अलग आधार है।” उन्होंने आगे कहा कि “भारत के साथ चीन से संबंध काफ़ी तनावपूर्ण रहे हैं परन्तु यूरोप ने इस पर चुप्पी साध रखी है।” साथ ही भारत द्वारा गेंहूँ निर्यात पर लगाये गये प्रतिबंध को लेकर भी पश्चिमी मीडिया में हो रहे दुष्प्रचार के संबंध में एस जयशंकर ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “भारत ने अब तक इस वर्ष 23 देशों को गेंहूँ निर्यात किया है।” (S jaishankar in Slovakia)

भारत के विदेश मन्त्री एस जयशंकर ने पश्चिमी मीडिया से सवाल किया कि “आख़िर अमेरिका व पश्चिमी देश ईरान के तेल को बाज़ार में आने से क्यों रोके हुए हैं? क्यों वेनेजुएला को अमेरिका व यूरोप बाज़ार में तेल नहीं बेचने दे रहे है? उन्होंने कहा कि “भारत के लिये तेल के लिये जो भी स्रोत थे वे सभी स्रोत बन्द कर दिये गये है। और अब हमें कहा जा रहा है कि ठीक है दोस्तों बाज़ार नहीं जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास बाज़ार में सब से अच्छी डील है और हमारा मानना है कि हमारे लिये ये डील काफ़ी अच्छी है’। (S jaishankar in Slovakia)

विदेश मन्त्री एस जयशंकर ने कहा कि “आज यूक्रेन में जो भी कुछ हो रहा है उसे भारत व चीन से जोड़ना एक चालाकी वाला काम है। भारत व चीन की समस्या यूक्रेन की समस्या से काफ़ी पहले की है, और मुझे नहीं लगता है कि यह बहस का कोई औचित्यत है।” उन्होंने कहा कि “सभी बड़ी समस्याओं का समाधान इस तरह से अथवा उस तरह से भारत से ही निकलते रहे हैं।’

एस जयशंकर ने कहा कि “भारत ने बुचा हत्याकाण्ड की न8निन्दा की और जाँच कराये जाने की माँग की है। और यूक्रेन संघर्ष के संदर्भ में हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट है कि हम शत्रुता को तत्काल ख़त्म करने के पक्ष में हैं।..ऐसा नहीं है कि जब तक आप पुतिन व ज़ेलेंस्की को फोन नहीं करते हैं तब तक हम ने इसे अनदेखा कर दिया है। भारत किसी भी कैम्प के साथ रहना कभी स्वीकार नहीं करता, और भारत किसी भी शिविर का पक्ष नहीं लेता।” (S jaishankar in Slovakia)

उन्होंने कहा कि “आज भारत की आबादी दुनिया का 5वां हिस्सा है और आज भारत दुनिया की 5 वीं छठी बड़ी अर्थव्यवस्था है। अगर इतिहास व सभ्यताओं को भूल भी जायें तो फ़िर भी हर कोई जानता है मैं अपना पक्ष रखने का हक़दार हूँ..मैं हकदार हूँ अपने हितों को तोलने के लिये और अपनी पसन्द का बनाने के लिये। क्योंकि मेरी पसन्द किसी की भी आलोचना वाली अथवा लेनदेन वाली नहीं होगी।” (S jaishankar in Slovakia)
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Author: Desh Duniya Today [Farhad Pundir]