जम्मू कश्मीर के पूर्व DGP ने बड़ा ख़ुलासा करते हुए कहा, 1989 में रिहा किये गये 70 आतंकियों ने ही कश्मीर में बरपाया था क़हर- Statement by former Kashmir DGP on Kashmir violence 1990

जम्मू कश्मीर के पूर्व DGP ने बड़ा ख़ुलासा करते हुए कहा, 1989 में रिहा किये गये 70 आतंकियों ने ही कश्मीर में बरपाया था क़हर– Statement by former Kashmir DGP on Kashmir violence 1990

J&K:
इन दिनों ‘The Kashmir Files’ फ़िल्म को लेकर देश में एक बड़ी सामाजिक और राजनीतिक बहस छिड़ी हुई है। जहाँ इस फ़िल्म के आधार पर सत्तारूढ़ बीजेपी काँग्रेस को घेर रही है वहीं काँग्रेस इस ‘The Kashmir Files’ में दिखाये गये कश्मीरी पण्डितों के अत्याचार पर उस समय की केन्द्र में बीजेपी के समर्थन से बनी तत्कालीन वीपी सिंह सरकार को दोषी ठहरा रही है। (Statement by former Kashmir DGP on Kashmir violence 1990)

वहीं अब जम्मू कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) डॉक्टर शेषपाल वैद ने कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार पर एक बड़ा ख़ुलासा करते हुए कहा है कि “कश्मीर में आतंकवाद के लिये पाकिस्तान की ISI द्वारा प्रशिक्षित 70 आतंकियों को जम्मू कश्मीर पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया था लेकिन वर्ष-1989 में तत्कालीन सरकार और अधिकारियों के ग़लत व अपरिपक्त फ़ैसले के कारण 70 आतंकियों को छोड़ दिया गया था, बाद में यही छोड़े आतंकी विभिन्न संगठनों के प्रमुख कमान्डर बने और उस के बाद की कहानी सभी जानते हैं।” (Statement by former J&K DGP on Kashmir violence 1990)

डॉक्टर शेषपाल वैद ने ‘The Kashmir Files’ फ़िल्म शुरु हुई बहस का ज़िक्र करते हुए कहा कि “कश्मीरी पंडितों के विस्थापन के लिये कई कारण ज़िम्मेदार हैं..जिस समय आतंकवाद सिर उठा रहा था उस समय कई ग़लत और अपरिपक्व फ़ैसले लिये गये थे जिनका ख़ामियाजा देश आज तक भुगत रहा है।” उन्होंने कहा कि “मुझे आज भी अच्छी तरह याद है कि वर्ष-1989 मेें पुलिस ने अपनी जान हथेली पर रखकर कश्मीर में अलग-अलग अभियान चलाकर 70 आतंकीयों को गिरफ़्तार किया था, यें सभी आतंकी उस समय पाकिस्तान से विध्वंसकारी गतिविधियों का प्रशिक्षण लेकर लौटे थे।” (Statement by former Kashmir DGP on Kashmir violence 1990)

डॉक्टर शेषपाल वैद ने कहा कि “मुझे आज भी उन में से कई आतंकवादियों के नाम याद हैं, इन में उत्तरी कश्मीर में त्रेहगाम कुपवाड़ा का मोहम्मद अफ़जल शेख भी शामिल था। अन्य आतंकवादियों में रफ़ीक़ अहमद अहंगर, मोहम्मद अय्यूब नज़ार, फ़ारूक़ अहमद ग़नी, ग़ुलाम मोहम्मद गोजरी, फ़ारूक़ अहमद मलिक, नज़ीर अहमद शेख़, ग़ुलाम मोहिउद्दीन तेली के नाम उल्लेखनीय हैं।” डॉक्टर शेषपाल वैद का कहना है कि “मुझे आज तक यह समझ में नहीं आया कि आख़िर क्या कारण था जो उस समय इन आतंकियों को रिहा कर दिया।” उन्होंने कहा कि इन आतंकियों के रिहा होने के बाद इन्ही आतंकियों ने अपने नये-नये आतंकवादी संगठन तैयार किये और कई आतंकियों ने रिहा होने के बाद अपने-अपने इलाकों में जाकर नये आतंकियों की फ़ौज तैयार कर ली थी जिन्होंने घाटी में क़त्लेआम शुरु कर दिया था।” (Statement by former Kashmir DGP on Kashmir violence 1990)

सेवानिवृत्त DGP डॉक्टर शेषपाल वैद का कहना है कि “उस समय मैं एसपी था.. इसलिए अपने वरिष्ठजनों से और सत्ताधारी वर्ग से कोई सवाल नहीं कर सकता था। यह क़दम (आतंकियों को रिहा करने का) तत्कालीन प्रदेश सरकार व तत्कालीन केन्द्र सरकार की सहमति से ही उठाया गया होगा। इस फ़ैसले से आतंकवादियों और उनके आकाओं में जम्मू कश्मीर व भारत के तत्कालीन राजनीतिक नेतृत्व की कमज़ोरी का सन्देश गया होगा।” डॉक्टर शेषपाल वैद ने कहा “किन लोगों ने यह फ़ैसला लिया होगा, उन्होंने क्या सोचा होगा?..मैं उस पर अभी कुछ कहने में असमर्थ हूँ। इसका जवाब देने में वही लोग समर्थ हैं जो उस समय नीति निर्धारक थे।” (Statement by former Kashmir DGP on Kashmir violence 1990)

Report-Farhad Pundir(Farmat)
Report-Farhad Pundir(Farmat)

यह भी पढ़ें- सावधान: ऑनलाइन स्कैमेर व्हाट्सएप्प पर The Kashmir Files मूवी का फ़र्ज़ी डाउनलोड लिंक भेजकर कर रहे हैं फ्रॉडScammers are doing fraud with the fake link of The Kashmir Files movie

Author: Desh Duniya Today [Farhad Pundir]