UP Madarsa News: उत्तर प्रदेश के मदरसों में इन 6 वर्षों में घटे लगभग 3 लाख दाख़िले, जानिये क्या है कारण?

UP Madarsa News: उत्तर प्रदेश के मदरसों में इन 6 वर्षों में घटे लगभग 3 लाख दाख़िले, जानिये क्या है कारण?

लखनऊ: UP Madarsa News-
7 जुलाई-2022: उत्तर प्रदेश के मदरसों में पिछले कई वर्षों में छात्रों की संख्या में गिरावट देखी जा रही है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि इन बीते 6 वर्षों में मदरसों में दाख़िला लेने वाले बच्चों की संख्या 3 लाख से अधिक घटी है। लेकिन योगी सरकार का कहना है कि अभी मदरसों में शिक्षा के स्तर को सुधारने हेतु प्रयास किये जा रहे हैं।

जाने क्या हैं कारण?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मदरसों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर न होना, सरकार द्वारा मदरसों में इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिये कोई सहयोग न करना, शिक्षा की गुणवत्ता और मदरसों से मिलने वाले सर्टिफिकेट की कोई विशेष महत्ता न होने के चलते भी मदरसों में गिरती छात्र संख्या का बड़ा कारण माना जा रहा है। क्योंकि उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद आज तक किसी भी विश्वविद्यालय से नहीं जुड़ पाया है। (UP Madarsa News)

लेकिन जब देश दुनिया टुडे ने मदरसों में घटती छात्र संख्या के संबंध में मदरसा प्रबंधकों और मदरसा शिक्षकों से बात की गई और कारण पूछा तो मदरसा प्रबंधकों और शिक्षकों का कहना है कि “जो पिछले 6 वर्षों से मदरसों में घटती छात्र संख्या का आंकड़ा आया है, इस में एक बड़ा कारण मदरसों में सरकार द्वारा रखे गये मदरसा शिक्षकों को पिछले वर्षों से केन्द्रांश मानदेय नहीं जाना भी है। (UP Madarsa News)

मदरसा प्रबंधकों का कहना है कि “जब आधुनिक विषय पढ़ाने वाले शिक्षकों को इतने वर्षों से केन्द्रांश मानदेय नहीं मिल पा रहा है तो ऐसे में आधुनिक विषयों के शिक्षकों की आर्थिक स्थिति बिगड़ने के चलते टीचरों का मनोबल टूटा हुआ है। संभवतः इसका प्रभाव मदरसों में दी जाने वाली आधुनिक शिक्षा की गुणवत्ता पड़ेगा। दूसरा कारण पिछले 3 वर्षों में कोरोना काल में कोविड-19 गाइडलाइंस के अनुसार मदरसों के बन्द होने के चलते भी छात्र संख्या काफ़ी कम हुई है। (UP Madarsa News)

वहीं देश दुनिया टुडे से बातचीत करते हुए मदरसा आधुनिकीकरण योजना के प्रबन्धकों और शिक्षकों का कहना है कि “कोरोना काल के बाद जब मदरसे खुले तो राजिस्टर्स बच्चों में से बहुत कम बच्चे बहुत कम वापिस आये। क्योंकि अधिकतर छात्रों ने पढ़ाई की बजाये किसी दरस्तकारी के काम पर जाना मुनासिब समझा। लेकिन फ़िर भी मदरसों में छात्र संख्या बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। (UP Madarsa News)

वहीं काँग्रेस के MLC दीपक सिंह का कहना है कि “शिक्षा की गुणवत्ता कम हुई है और सरकार को इन संस्थानों पर विशेष ध्यान देना चाहिये। दीपफ सिंह ने आरोप लगाया कि ‘इन मदरसों की सच्चाई से सरकार के यें दावे मेल नहीं खाते। समाजवादी पार्टी के नेता मनोज पांडे ने कहना है कि “इन संस्थानों (आधुनिकीकरण मदरसों) को मिलने वाला बजट बहुत ही कम हो गया है।” (UP Madarsa News)
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Author: Desh Duniya Today [Farhad Pundir]