क्या टल सकता है यूपी में चुनाव? सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से रैलियों पर रोक लगाने को कहा- Will the elections in UP be postponed?

प्रयागराज: Will the elections in UP be postponed?
गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से और केंद्र सरकार से ओमिक्रोन वेरिएंट के बढ़ते मामलों के बीच जिन राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं उनमें होने वाली राजनीतिक रैलियों पर रोकने का आह्वान किया है। न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव की खण्डपीठ ने एक याचिका में याचिकाकर्ता की अर्जी मंज़ूर करते हुए कहा कि “ओमिक्रोन वैरियंट से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है और कोविड-19 की तीसरी लहर आने की आशंका है।” Will the elections in UP be postponed?

खण्डपीठ ने कहा कि “नीदरलैंड, चाईना और जर्मनी जैसे कई देशों ने ओमिक्रोन के बढ़ते मामलों के कारण पूर्ण या आंशिक रूप से लोकडाउन लगा दिया है।” खण्डपीठ ने कहा कि “दूसरी लहर के दौरान देश में लाखों की संख्या में लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे और बहुत से लोगों की मौत भी हुई है।”

Will the elections in UP be postponed?- जैसे यूपी में विधानसभा चुनाव नज़दीक आ रहे हैं सभी राजनीतिक पार्टियां रैलियां और सभायें करके लाखों लोगों को लामबन्द करने का काम कर रही हैं जहाँ पर किसी भी प्रकार के सोशल डिस्टेंसिंग समेत कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन नहीं हो रहा है। ऐसे में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक चेतावनी देते हुए कहा कि “यदि इस पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो इसके परिणाम कोविड महामारी की दूसरी लहर से भी कहीं अधिक भयावह हो सकते हैं।”

साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारतीय चुनाव आयोग से ऐसी राजनीतिक रैलियों और सभाओं को तत्काल रोकने और राजनीतिक पार्टियों को टेलिविज़न चैनलों और अख़बारों के ज़रिये प्रचार करने का आदेश देने का अनुरोध किया। हाई कोर्ट ने कहा कि “यदि सम्भव हो तो अगले वर्ष फरवरी 2022 में होने वाले चुनावों को एक या दो माह के लिए आगे टाला जा सकता है, क्योंकि अगर जान है तो ही चुनावी रैलियां और सभायें हो सकती हैं और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सभी को जीने का अधिकार भी है।” Will the elections in UP be postponed?

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Author: Desh Duniya Today [Farhad Pundir]